मथुरा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक स्कूल बस में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। गनीमत ये रही कि समय रहते देव दूत बनकर पहुंचे एक पुलिस अधिकारी की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और बस में सवार सभी बच्चों की जान बच गई। मामला मथुरा-बरेली हाईवे पर चिंताहरण के पास यमुना पुल का है, जहाँ बलदेव पब्लिक स्कूल की एक बस में अचानक आग लग गई। हैरानी की बात ये रही कि बस में आग लगने के बावजूद ड्राइवर को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह बस को दौड़ाता रहा। इसी दौरान वीआईपी ड्यूटी से लौट रहे मांट थाने में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह की नजर जलती हुई बस पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी तेज़ी से बस के आगे लगाकर उसे रुकवाया। बस रुकते ही पुलिसकर्मी और स्थानीय लोगों की मदद से बस में सवार करीब 30 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। दरोगा सत्येंद्र सिंह ने कई बच्चों को अपनी गाड़ी से सुरक्षित स्थान तक भी पहुंचाया। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई, लेकिन समय रहते की गई इस कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है। बाइट: सत्येंद्र सिंह, उपनिरीक्षक, यूपी पुलिस "मैं वीआईपी ड्यूटी से वापस लौट रहा था, तभी मैंने देखा कि एक बस में आग लगी हुई है। ड्राइवर को इसकी जानकारी नहीं थी। मैंने तुरंत अपनी गाड़ी बस के आगे लगाकर उसे रुकवाया और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।" समय रहते दिखाई गई सूझबूझ और बहादुरी के चलते सभी बच्चों की जान बच गई। दरोगा सत्येंद्र सिंह की इस बहादुरी की पूरे इलाके में जमकर सराहना हो रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रश्न चिन्ह मथुरा आरटीओ पर लग रहा है जहां सभी स्कूलों में चल रहे दग्गेमार वाहन छात्र छात्रों की जान जोखिम में डाल कर धन कमाने में मशगूर है, और जिला प्रशासन कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से बच रहा है
स्कूल बस में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई
18 Mar 2026 13:34